इश्क करना यूँ आसान न था ,कुछ कदम हम चले,और कुछ आप आये !
ये मौसम भी अब कुछ बदले से लगने लगे,आप जब से हमारे साथ आये !
कल आपको पाने की उम्मीद न थी,आज जब आये ये पल,तो बेहिसाब आये !
अब दुआ यही, कि हमारी आँखों के आशियाने में रह जाएँ आप,
फिर हम कभी हकीकत में देखें आपको,और कभी आपका ख्वाब आये !
ये मौसम भी अब कुछ बदले से लगने लगे,आप जब से हमारे साथ आये !
कल आपको पाने की उम्मीद न थी,आज जब आये ये पल,तो बेहिसाब आये !
अब दुआ यही, कि हमारी आँखों के आशियाने में रह जाएँ आप,
फिर हम कभी हकीकत में देखें आपको,और कभी आपका ख्वाब आये !
No comments:
Post a Comment